ऊँ—’श्री राम जन्म-भूमि तीर्थ क्षेत्र’

प्रेस वक्तव्य

‘श्री राम जन्म-भूमि तीर्थ क्षेत्र’ श्री राम जन्म-भूमि मन्दिर को वास्तु शास्त्र के अनुसार भव्य स्वरूप प्रदान कराने, शेष परिसर को सभी प्रकार से सुरक्षित तथा दर्शनार्थियों के लिए सुविधापूर्ण बनाने के लिए कार्य कर रहा है।

इस निमित्त मन्दिर के पूर्व व पश्चिम भाग में निर्माणाधीन परकोटा व रिटेनिंग वाल की सीमा में आने वाले महत्वपूर्ण मन्दिरों/स्थानों को परस्पर सहमति से क्रय किया जा रहा है।

तीर्थ क्षेत्र का निर्णय रहा है कि इस प्रक्रिया में विस्थापित होने वाले प्रत्येक संस्थान/व्यक्ति को पुनर्वासित किया जायेगा। पुनर्वास हेतु भूमि का चयन सम्बन्धित संस्थानों/व्यक्तियों की सहमति से किया जा रहा है।

बाग बिजेसी, अयोध्या स्थित 1.20 हेक्टेयर भूमि इसी प्रक्रिया के अन्तर्गत महत्वपूर्ण मन्दिरों जैसे कौशल्या सदन आदि की सहमति से पूर्ण पारदर्शिता के साथ क्रय की गयी है।

ध्यान देने योग्य है कि उपर्युक्त वर्णित भूमि अयोध्या रेलवे स्टेशन के समीप मार्ग पर स्थित एक प्रमुख स्थान (प्राइम लोकेशन) है।

इस भूमि के सम्बन्ध में वर्ष 2011 से वर्तमान विक्रेताओं के पक्ष में भिन्न-भिन्न समय (2011, 2017 व 2019 ) में अनुबन्ध सम्पादित हुआ। खोजबीन करने पर यह भूखण्ड हमारे उपयोग हेतु अनुकूल पाये जाने पर सम्बन्धित व्यक्तियों से सम्पर्क किया गया। भूमि का जो मूल्य माँगा गया, उसकी तुलना वर्तमान बाजार मूल्य से की गयी, अन्तिम देय राशि लगभग 1,423/-रू0 प्रति वर्गफीट तय हुई जो निकट के क्षेत्र के वर्तमान बाजार मूल्य से बहुत कम है।

मूल्य पर सहमति हो जाने के पश्चात् सम्बन्धित व्यक्तियों को अपने पूर्व के अनुबन्धों को पूर्ण करना आवश्यक था, तभी सम्बन्धित भूमि तीर्थ क्षेत्र को प्राप्त हो सकती थी।

तीर्थ क्षेत्र के साथ अनुबन्ध करने वाले व्यक्तियों के पक्ष में भूमि का बैनामा होते ही तीर्थ क्षेत्र ने अपने पक्ष में पूर्ण तत्परता एवं पारदर्शिता के साथ अनुबन्ध हस्ताक्षरित किया व पंजीकृत कराया।

तीर्थ क्षेत्र का प्रथम दिवस से ही निर्णय रहा है कि सभी भुगतान बैंक से सीधे खाते में ही किये जायेंगे, सम्बन्धित भूमि की क्रय प्रक्रिया में भी इसी निर्णय का पालन हुआ है।यह भी सुनिश्चित किया जाता है कि सरकार द्वारा लगाये गये सभी कर आदि का भुगतान हो जाये ।

आरोप की भाषा में वक्तव्य देने वाले व्यक्तियों ने आरोप लगाने से पहले तीर्थ क्षेत्र के किसी भी पदाधिकारी से तथ्यों की जानकारी नहीं की, इससे समाज में भ्रम की स्थिति उत्पन्न हुई है। समस्त श्री राम भक्तों से निवेदन है कि वे ऐसे किसी दुष्प्रचार में विश्वास न करें ताकि श्री राम जन्म-भूमि मन्दिर का पूर्ण पारदर्शिता के साथ चल रहा निर्माण कार्य शीघ्र निर्विघ्न सम्पन्न हो।

जारीकर्ता— चम्पत राय

अयोध्या,14 जून, 2021

Latest Notifications

  • मंदिर निर्माण का कार्य 24 घण्टा चल रहा है , 12–12 घंटे की दो शिफ्ट में कार्य हो रहा है, लगभग 1 लाख 20 हजार घन मीटर मलबा निकाला गया है। एक फीट मोटी लेयर बिछाकर रोलर से कौंपैक्ट करने में 4 से 5 दिन लग रहे है। अक्टूबर माह तक काम पूर्ण होने की उम्मीद है । मंदिर निर्माण में लगे सभी मजदूर और इंजीनियर रामलला की विशेष कृपा से स्वस्थ हैं। परकोटा सीधा करने के लिए जितनी जमीन की आवश्यकता थी वह काम हो चुका है। पश्चिम के परकोटे का कोना ठीक होना बाकी है।

  • चार लेयर एक के ऊपर एक 400 फीट लम्बाई, 300 फीट चौड़ाई पर डाल दी गई हैं। एक लेयर 12 इंच मोटी बिछा कर रोलर से दबाया जाता है, जब 2 इंच दबकर लेयर 10 इंच हो जाती है, तब दूसरी लेयर बिछाते हैं, 40-45 लेयर डालनी हैं, इसे Roller Compacted Concrete कहेंगे।

  • The quantity ratio of different materials in (engg mixed ) is :- 1)Cement-60 Kg 2)Flyash-90 kg 3)20mm-769 kg 4)10mm-512 kg 5)Stone dust- 854 kg 6)Admixture:.9kg ( a chemical is mixed to increase the settling time of Roller Compacted Cocrete), 7) water-115 kg , ( 2400 kg per cubic meter ) , in this mixture cement is 2.5 % only)

  • एक घन मीटर क्षेत्र में 2400 किलोग्राम मैटेरियल भरेगा , इसमें सीमेंट मात्र 2.5 % है, विस्तृत विवरण :- (1. पत्थर गिट्टी 20 मिलीमीटर साइज़- 769 kg (2. पत्थर गिट्टी 10 मिलीमीटर साइज़—512 kg (3. पत्थर पाउडर- -854 kg (4. पत्थर कोयला राख-90 kg ( थर्मल पावर स्टेशन से प्राप्त ) (5. सीमेण्ट -60 kg (6. पानी - 115 kg

  • आज प्रातः श्री राम जन्मभूमि मंदिर निर्माण प्रक्रिया एक कदम और आगे बढ़ गई, पिछले 5 अगस्त 2020 को माननीय प्रधानमंत्री भारत सरकार श्री नरेंद्र भाई मोदी जी ने अयोध्या पधार कर मंदिर निर्माण की प्रक्रिया को प्रारंभ कर दिया था , इस अवसर पर 9 शिलाओं का पूजन माननीय प्रधानमंत्री जी ने किया था, गर्भ ग्रह में रखे जाने वाली अन्य सभी चांदी की वस्तुओं का पूजन भी किया गया था, स्वयं प्रधानमंत्री जी अपने साथ एक कलश लेकर आए थे , वह सभी वस्तुएं उसी समय से सुरक्षित रखी थी, आज समुद्र तल से 91 मीटर ऊंचाई पर अर्थात जिस धरातल पर बैठकर माननीय प्रधानमंत्री जी ने पूजन किया था उस तल से लगभग 14 मीटर नीचे गर्भ ग्रह के स्थान पर चारों कोनों में शास्त्रीय विधि से 9 शिलाएं स्थापित कर दी गई, साथ ही साथ वास्तु विधि के अनुसार स्थापत्य द्वारा निर्धारित अन्य शिलाएं भी रखी गई, जो अन्य शिलाये रखी गई उनके चित्र आपकी जानकारी के लिए प्रस्तुत है । चम्पत राय - 17 मई 2021

  • आज प्रातः श्री राम जन्मभूमि मंदिर निर्माण प्रक्रिया एक कदम और आगे बढ़ गई, पिछले 5 अगस्त 2020 को माननीय प्रधानमंत्री भारत सरकार श्री नरेंद्र भाई मोदी जी ने अयोध्या पधार कर मंदिर निर्माण की प्रक्रिया को प्रारंभ कर दिया था , इस अवसर पर 9 शिलाओं का पूजन माननीय प्रधानमंत्री जी ने किया था, गर्भ ग्रह में रखे जाने वाली अन्य सभी चांदी की वस्तुओं का पूजन भी किया गया था, स्वयं प्रधानमंत्री जी अपने साथ एक कलश लेकर आए थे , वह सभी वस्तुएं उसी समय से सुरक्षित रखी थी, आज समुद्र तल से 91 मीटर ऊंचाई पर अर्थात जिस धरातल पर बैठकर माननीय प्रधानमंत्री जी ने पूजन किया था उस तल से लगभग 14 मीटर नीचे गर्भ ग्रह के स्थान पर चारों कोनों में शास्त्रीय विधि से 9 शिलाएं स्थापित कर दी गई, साथ ही साथ वास्तु विधि के अनुसार स्थापत्य द्वारा निर्धारित अन्य शिलाएं भी रखी गई, जो अन्य शिलाये रखी गई उनके चित्र आपकी जानकारी के लिए प्रस्तुत है । चम्पत राय - 17 मई 2021

Temple Darshan Timing

6.00 AM to 10.00 PM

Aarti: 7:00 AM, 12:00 Noon and 7:00 PM

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The Central Government has notified “SHRI RAM JANMABHOOMI TEERTH KSHETRA” (PAN: AAZTS6197B) to be place of historic importance and a place of public worship of renown for the purposes of the said section from the year F.Y. 2020-2021, vide (CBDT Notification No. 24/2020/F. No. 176/8/2017/ITA-I).

50% of Voluntary Contribution, for the purpose of renovation/repair of Mandir, to Shri Ram Janambhoomi Teerth Kshetra is eligible for deduction under sec 80G(2)(b), subject to other conditions mentioned under section 80G of the Income Tax Act , 1961. vide (CBDT Notification No. 24/2020/F. No. 176/8/2017/ITA-I).

Cash donation in excess of Rs. 2,000 are not allowed as deduction.